ब्रह्माण्ड

ब्रह्माण्ड

ब्रह्माण्ड के उत्पत्ति के संबंध में दो प्रमुख वैज्ञानिक संकल्पना है-

(1)सामन्य स्थिति सिद्धांत के प्रतिपादन जार्ज लेमेण्टर थे
(2)महाविस्फोट सिद्धांत के प्रतिपादन जार्ज लैमेत्रे,हरमैंन बाॅण्ङी,अलेक्जेंडर फ्रीडमेन ने किया था|

ब्रह्माण्ड से संबंधित दृष्टिकोण

दृष्टीकोण. खगोलशास्त्री

(1)भूकेन्द्रीय सिद्धांत.                      क्लङियस टाली

(2)सूर्यकेंद्रीय सिद्धांत.                कोपर्निकस 

(3)ग्रहीय कक्षा का नियम।              जोहानस केप्लर 

(4)निरन्तर उत्पत्ति सिद्धांत.     अलेक्जेंडर फ्रीडमैन गोल्ड 

(5)संकुचन विमोचन सिद्धांत.         एलेन सैण्ङेज

महाविस्फोट सिद्धांत(Big Bang Theory):- महाविस्फोट सिद्धांत को जार्ज लैमेत्रे ने दिया था |
आज से लगभग 15 अरब वर्ष पहले सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड एक सघन पिंड के रूप मे था, जिसका घनत्व बड़ा और महाविस्फोट हुआ और पद्धार्थ चारो तरफ गैलेक्सी के रूप मे फैल गया |

नोट :- आज भी ब्रह्माण्ड लगातार फैल रहा हैं, लेकिन एक स्थान पर स्थिर है |

  • टाॅलमी ने पृथ्वी केंद्रीय संकल्पना (Geocentric) की  परिकल्पना 140 इसवी में किया |
  • ब्रह्माण्ड के अध्ययन को Casmology कहते हैं |
  • निकोलस कोपर्निकस ने सूर्यकेंद्रीय संकल्पना की परिकल्पना 1543 इसवी में किया |
  • टाॅलमी ने अक्षांश और देशांतर रेखाओ को खोजा| इसे मानचित्र कला का जनक कहा जाता हैं |
  • गैलीलीयो ने 1609 इसवी में दूरबीन का अविष्कार किया और ब्रह्माण्ड का अध्ययन किया |
  • बुध,शुक्र, पृथ्वी,मंगल, वृहस्पति तथा शनि की खोज गैलीलीयो ने किया |
  • अरुण ग्रह का खोज हर्शेल ने किया |
  • वरुण ग्रह का खोज जौन गोले ने किया|
  • विलियम हर्शेल ने (1805 ई) बताया की हमारा सौरमंडल  गैलेक्सी का छोटा सा अंश है|
  • ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी आकाश गंगा लाइमन अल्फा व्लावस है|
  • ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति का प्रथम सिद्धांत कास्ते-द-वफन ने दिया|

आकाशगंगा :- तारो के समूह जो गुरुत्वाकर्षण द्वारा एक दूसरे से जुड़े हुए हैं तथा इसमें ब्रह्माण्ड के तत्व, गैस तथा धूल होता है आकाशगंगा कहलाता हैं |

Read Also :-भारत के प्राचीन इतिहास के साक्ष्य (1500ई.पू.-500ई)

  • सूर्य 250 किमी. प्रति सेकंड की गति से 22.5 वर्ष में दुग्ध-मेखला के केंद्र का एक चक्कर लगाता है जिसे एक ब्रह्माण्ड वर्ष कहते हैं |
  • हमारे आकाशगंगा का नाम दुग्ध-मेखला या मंदाकिनी हैं |जो सर्पिलाकार है|
  • ङ्वार्फ सबसे नया खोजा गया मंदाकिनी है |
  • आकाशगंगा का सबसे चमकदार और ठंडा तारो का समुह ‘ऑरियन नेबुला’ है|
  • एंड्रोमेडा आकाशगंगा(देवयानी आकाशगंगा) हमारे आकाशगंगा से सबसे नजदीक स्थित आकाशगंगा है |
  • प्रॉक्सिमा सेन्चुरी सूर्य के बाद पृथ्वी का सबसे नजदीकी तारा है |
  • ब्रह्माण्ड में आकाशगंगा की संख्या 100 से 200 अरब है |जिसमें तारों की संख्या 100 हज़ार मिलियन हैं|

तारा:- वह आकाशिय पिण्ड जिसमें स्वयं की उष्मा और स्वयं का प्रकाश हो, तारा कहलाता हैं |यह नाभिकीय संलयन पर कार्य करते हैं |

  • जब तारा फूटता है तो Black Hole बन जाता हैं|
  • तारो का निर्माण आकाशगंगा मे गैस के बादलों के समुह से होता है |
  • तारा जब 20 Magnitude से अधिक चमकता है तब वह Super Nova कहलाता हैं |

तारामंडल :- तारो के समुह को तारामंडल कहते हैं, अभी तक 89 तारामंडल का खोज हो चुका है | सबसे बड़ा तारामंडल हाइङ्रा है|

उल्का:- ऐसे आकाशीय पिण्ड जो भूमंडलीय घर्षण के कारण जलकर ब्रह्माण्ड में ही नष्ट हो जाते हैं उल्का कहलाते है |

उल्का पिण्ड :- जो आकाशीय पिण्ड जलकर ब्रह्माण्ड में ही नष्ट नहीं होते तथा पृथ्वी पर गिरते हैं उल्का पिण्ड कहलाते हैं | इसमे लोहा तथा निकेल की अधिकता होती है |

क्षुद्रग्रह:- मंगल तथा बृहस्पति ग्रहो के मध्य स्थित    छोटे-छोटे ग्रहो को क्षुद्र ग्रह कहलाता हैं | सिरिल सबसे चमकीला क्षुद्रग्रह है |

        खगोलशास्त्रीयों ने 2008 में क्षुद्रग्रह का एक नया श्रेणी प्लूटाइङ बनाया | जिसमें प्लूटो को रखा गया |

धूमकेतु(पुच्छल तारा):- यह प्रकशित खगोलिय पिण्ड है जो सूर्य का चक्कर लगाता है तथा एक पिण्ड और उसी पूँछ दिखाई देता है, इसका कुछ हिस्सा बहुत से गैसों(जैसे- अमोनिया, कार्बन डाई आक्साइड, जलवाष्प) से बना होता है |

सूर्य:- सूर्य एक तारा है जिसकी उष्मा नाभिकीय संलयन के कारण हाइड्रोजन परमाणु के हिलीयम में बदलने से प्राप्त होती है |

सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट 16.6 सेकंड लगता हैं |

5 thoughts on “<strong>ब्रह्माण्ड</strong>”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *