सौरमंडल

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सूर्य तथा उसके चारो ओर भ्रमण करने वाले ग्रहो , उपग्रहों , धूमकेतु , उल्का तथा आकाशीय पिण्ड को सौरमंडल कहते हैं सौरमंडल के ऊर्जा का स्त्रोत सूर्य हैं l

सौरमंडल के समस्त ग्रह , उपग्रहों , धूमकेतु , उल्का तथा आकाशीय पिण्ड आपस में गुरुत्वाकर्षण से जुड़े हैं l

सौरमंडल की उत्पत्ति

मत — प्रतिपादन

निहारिका परिकल्पना. — लाप्लास

निहारिका मेघ परिकल्पना. — डॉ वान

विद्युत चुंबकीय परिकल्पना. — एच. अल्फवेन

नोवा परिकल्पना. — होयले तथा लेटेस्ट

विखंडन परिकल्पना। — रायसेन

ज्वारीय परिकल्पना. — जेम्स जीन्स तथा हेराल्ड

सूर्य (sun)

सूर्य हमारे सौरमंडल का जनक हैं तथा एक तारा हैं जिसमें 71% हाइड्रोजन , 26.5% हीलियम , 1.5% कार्बन , नाइट्रोजन , नियाॅन तथा अन्य भारी तत्व है l सूर्य के ऊर्जा का स्त्रोत नाभिकीय संलयन हैं हाइड्रोजन के हीलियम में बदलने से ऊर्जा प्राप्त होती है l

¹H² + ¹H² = ²H⁴ + Energy (ऊर्जा)

हमारी सर्पाकार मंदाकिनी को ऐरावत पथ कहते हैं जिसमें 100 अरब तारे हैं तथा सूर्य भी उनमे से एक है l

सूर्य हमारे आकाश गंगा से 30 से 34 हजार प्रकाश वर्ष दूर हैं तथा सूर्य से पृथ्वी की दूरी 14.97करोड़ किलोमीटर (औसत दूरी )हैं। सूर्य का प्रकाश 3 × 10⁸ मी./ से. हैं l सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक आने में 8 मिनट 18 सेकंड ( 498 सेकंड ) लगता हैं l सूर्य पृथ्वी से 3 लाख 33 हजार गुना भारी तथा 109 गुना बड़ा हैं l सूर्य से पृथ्वी के बीच की दूरी को एक खगोलिय इकाई कहते हैं l

सूर्य अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम की परिभ्रमण करता हैं l

सूर्य के प्रकाश द्वारा एक वर्ष में चली गई दूरी को प्रकाश वर्ष कहते हैं l

सूर्य के केन्द्रीय भाग क्रोड कहते हैं तथा सूर्य का वह हिस्सा जो हम नगन आखों से देख सकते हैं प्रकाशमंडल (Photo Sphere) कहलाता हैं l सूर्य के बाहरी सतह का तापमान 6000°C होता हैं l सूर्य के वायुमंडल को वर्णमंडल (Cromo Sphair) कहते हैं इसका रंग लाल होता हैं l

सूर्य की X किरणे जो सूर्य ग्रहण के समय दिखाई देती है सूर्य मुकुट या कोरोना कहलाता हैं l

कोरोना में पाये जाने वाले काले धब्बे को सौर कलंक कहते हैं , इसकी खोज गैलिलियो ने किया था इसमें से प्रबल चुंबकीय विकिरण निकलता हैं l यह 11 वर्ष में परिवर्तित हो जाता हैं l

सौर ज्वालाओं का प्रवेश जब आयन मंडल में होता हैं तो सौर ज्वालाऐ आयनो से टकराकर चमकती हैं ये घटना ध्रुव से देखाई देते हैं उत्तरी ध्रुव पर इसे अरोरा बोरेलिश तथा दक्षिणी ध्रुव पर इसे अरोरा ऑस्ट्रेलिस कहते हैं l

सौरमंडल के महत्वपूर्ण तथ्य

सबसे छोटा ग्रह — बुध

सबसे बड़ा ग्रह. — वृहस्पति

सूर्य के सबसे निकट. — बुध

सूर्य से सबसे दूर. — वरुण

सबसे चमकीला ग्रह. — शुक्र

सबसे ठंडा ग्रह. — वरुण

सबसे गर्म ग्रह. — शुक्र

सबसे छोटा उपग्रह. — डिमोस (मंगल)

सबसे बड़ा उपग्रह. — गनीमीड (वृहस्पति)

लाल ग्रह. — मंगल

नीला ग्रह. — पृथ्वी

भोर/सांझ का तारा. — शुक्र

सबसे चमकीला तारा. — साइरस (डागस्टार)

आंतरिक ग्रह :- बुध , शुक्र , पृथ्वी , मंगल

बाह्य ग्रह :- वृहस्पति , शनि , अरुण ,वरुण

शुक्र और अरुण ग्रह सूर्य की उल्टी परिक्रमा (पूर्व से पश्चिम) करते हैं l

इसे भी देखे:- ब्रह्माण्ड

सौरमंडल के ग्रह

  1. बुध ( Mercury )
  2. शुक्र ( Venus )
  3. पृथ्वी ( Earth )
  4. मंगल ( Mars)
  5. वृहस्पति ( Jupiter )
  6. शनि ( Saturn )
  7. अरुण ( Uranus )
  8. वरुण ( Neptune )

बुध ( Mercury )

यह सौरमंडल का सबसे छोटा तथा सूर्य के सबसे नजदीक स्थित ग्रह हैं l इसका दैनिक तापान्तर 600°C हैं , बुध ग्रह पर दिन का तापमान 427°C से अधिक तथा रात्री का तापमान -173°C होता हैं l

इसका कोई उपग्रह नहीं हैं तथा इसका परिक्रमण काल 88 दिन का हैं l बुध ग्रह का कक्षीय झुकाव 7° हैं l इस ग्रह में चुंबकीय क्षेत्र भी हैं l

शुक्र ( Venus )

ग्रीक के सुंदरता के देवता के नाम पर इसका नाम शुक्र हैं l अक्षीय झुकाव तथा घनत्व में लगभग समान होने के कारण इसे पृथ्वी की जुड़ाव ग्रह या Sister Planet भी कहते हैं l

शुक्र ग्रह सौरमंडल का सबसे चमकीला और गर्म ग्रह(95 – 97% कार्बन डाई आक्साइड)हैं तथा पृथ्वी के सबसे नजदीक स्थित ग्रह हैं l इसे भोर तथा सांझ का तारा भी कहते हैं l इसका परिक्रमण काल 225 दिन का हैं तथा यह अपने अक्ष पर सबसे धीमी गति से घूमता हैं इसका परिभ्रमण काल 243 दिन हैं l

इसका कोई उपग्रह नहीं हैं तथा Maxwell यहां के सबसे ऊँची चोटी हैं l

मंगल ( Mars )

ऑयरन आक्साइड की अधिकता के कारण यह लाल रंग का देखाई देता हैं l यहां कार्बनडाई आक्साइड की अधिकता हैं l इसे पृथ्वी की तरह ध्रुवीय ग्रह भी कहा जाता हैं l अक्षीय झुकाव एवं दिन का मान पृथ्वी के समान है l इसका परिक्रमण काल 685 दिन का हैं l

मंगल ग्रह के दो उपग्रह फोबोस तथा डिमोस हैं डिमोस सौरमंडल का सबसे छोटा उपग्रह हैं l

सौरमंडल का सबसे बड़ी ज्वालामुखी ओलिम्पस मोन्स मंगल ग्रह पर स्थित है तथा निक्स ओलम्पिया मंगल ग्रह का सबसे ऊँचा पर्वत हैं यह पर्वत माउंट एवरेस्ट से 3 गुना बड़ा हैं l

वृहस्पति ( Jupiter )

वृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह हैं यहां हाइड्रोजन तथा हिलीयम अधिक मात्रा मे पाया जाता हैं l आकर के कारण इसे मास्टर ऑफ गॉड कहा जाता हैं l

वृहस्पति ग्रह से रेडियो तरंगें निकलती रहती है l सौरमंडल के दूसरा सबसे अधिक उपग्रह वृहस्पति के हैं इसकी संख्या 79 हैं तथा गनीमीड सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह हैं l

वृहस्पति सबसे तीव्र घूर्णन (10 घंटे) करने वाला ग्रह हैं तथा इसका परिक्रमण काल 12 वर्ष हैं l

शनि ( Saturn )

शनि सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह हैं तथा सबसे तेज घूर्णन करने वाला ग्रह हैं I शनि का घनत्व सबसे कम (0.70 gm/cm²) है l

इसके चारो तरफ गैसों का 7 वलय (छल्ला) पाए जाते हैं इसे वलयित या Galaxy like Planet कहते हैं l सौरमंडल में सबसे अधिक उपग्रह शनि के है इनकी संख्या 82 हैं तथा टाइटन सबसे बड़ा उपग्रह हैं l अमोनिया , मिथेन गैस के कारण इसे पीला ग्रह कहते हैं l

इसे चपटा या लेटा हुआ ग्रह भी कहते हैं , रिया इसकी सबसे ऊंची चोटी हैं l

अरुण ( Uranus )

अरुण ग्रह का नाम ग्रीक देवता युरेनस के नाम पर पड़ा , मेथेन गैस की अधिकता के कारण इसका रंग हरा हैं l यह सौरमंडल का तीसरा सबसे बडा ग्रह हैं तथा अपने अक्ष पर सूर्य की तरफ 90° तक झुके होने के कारण इसे लेता हुआ ग्रह भी कहते हैं l

इसकी खोज 1781 इसवी में विलियम हर्शेल द्वारा किया गया , इसका परिक्रमण काल 84 साल हैं I अरुण तथा शुक्र ग्रह उल्टी परिक्रमा ( पूर्व से पश्चिम ) करते हैं l

वरुण ( Neptune )

वरुण सौरमंडल का सबसे बाहरी तथा सबसे ठंडा ग्रह हैं l इसकी खोज 1846 इसवी में जान गैले ने किया था l सबसे लंबा परिक्रमण काल 165 वर्ष वरुण का ही हैं l

यम ( Pluto )

इसे पाताल के देवता के नाम से भी जानते हैं l इसकी खोज क्लाइरस थाॅमबाग ने 1930 इसवी में किया था l IAU के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 2006 में चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में यम ( प्लूटो ) को ग्रह की श्रेणी से निकालकर बौने ग्रह की श्रेणी में रखा गया l

IAU(INTERNATIONAL ASTRONOMICAL UNIIN) अंतर्राष्ट्रीय खगोल संघ

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