वायुमंडल

किसी भी ग्रह के चारो ओर गैसों का घेरा वायुमंडल कहलाता हैं I वायुमंडल के गैसों से ही पेड-पौधे , जीव- जन्तु को उष्मा , ताप , जल तथा वायु प्राप्त होता हैं l

इसका विस्तार लगभग 10,000 किमी. तक माना जाता हैं l

वायुमंडल का कार्य —

वायुमंडल मे पाए जाने वाले गैस जीवन के लिये आवश्यक हैं तथा जलवाष्प पाया जाता हैं जिससे वर्षा होती है I हरित गैसे पाई जाती है जो पृथ्वी का औसत तापमान बनाये रखती है I

वायुमंडल के होने से अंतरिक्ष से आने वाले उल्का तथा पराबैंगनी किरणो बचाव होता हैं l

पृथ्वी के औसत तापमान में होने वाले वृद्धि को भूमंडलीय तापन या Globle Worming कहते हैं l

वायुमंडल का संघटन —

नायट्रोजन (N²) — 78% आक्सीजन (O²) — 21% आर्गन (Ar) — 0.93% कार्बन डाई आक्साइड (CO²) — 0.036% निऑन (Ne) — 0.002% हीलियम (H²) — 0.0005% ओजोन (O³) — 0.0000001%

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नायट्रोजन (N²)

पृथ्वी के वायुमंडल में सर्वाधिक मात्रा मे पाई जाने वाली गैस हैं पौधों को नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करने तथा प्रोटीन प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन आवश्यक हैं l

नाइट्रोजन गैस वायुमंडलीय दाब का सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं नाइट्रोजन की उपस्थिति के कारण ही वायुदाब पवन की शक्ति तथा प्रकाश के परावर्तन का आभास होता है नाइट्रोजन गैस आग को तेजी से फैलने से रोकता हैं l

नायट्रोजन गैस का प्रयोग लंबे समय तक कोशिकाओं , ऊत्तकों तथा विजाणुओ को संरक्षित करने में होता हैं l

नायट्रोजन रंगहीन , गंधहीन , स्वादहीन गैस हैं I इसका प्रयोग रंगमंच के कार्यक्रम में कृत्रिम धुएँ के रूप में करते हैं l

ऑक्सीजन (O²)

वायुमंडल में दुसरी सर्वाधिक मात्रा में पाए जाने वाली गैस हैं , यह जन्तु के श्वसन तथा वानस्पतिक लकड़ियों को जलाने में सहायक होती है I

ऑक्सीजन को जीवनदायिनी गैस भी कहते हैं इसकी उपस्थित में भोजन का आक्सीकरण होता हैं और ऑक्सीजन वस्तुओ को सडाने मे सहायक होता हैं l

पेड़ – पौधे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया से ऑक्सीजन छोड़ते रहते हैं l

आर्गन (Ar)

वायुमंडल में पाये जाने वाली तीसरी सबसे अधिक मात्रा में पाए जाने वाली गैस हैं तथा सर्वाधिक मात्रा में पाये जाने वाली अक्रिय गैस हैं l

ट्यूबलाइट में आर्गन गैस ही भरा जाता हैं l

कार्बन डाई आक्साइड (CO²)

पेड़ – पौधे कार्बन डाई आक्साइड की सहायता से प्रकाश संश्लेषण करते हैं l

6 H²O + 6 CO² CH¹²O + 6 O²

कार्बन डाई आक्साइड गैस आग बुझाने में सहायक होती है I यह पृथ्वी के उष्मीय ताप को बढ़ाने में सहायक है I

हाइड्रोजन (H²O)

हाइड्रोजन गैस सबसे हल्की गैस हैं तथा ब्राह्मण में सबसे अधिक मात्रा मे पाये जाने वाली गैस थी । इसे भविष्य का ईधन कहा जाता हैं यह एक ज्वलनशील गैस हैं l

हीलियम (He)

दूसरी सबसे हल्की गैस तथा अक्रिय गैसों में सबसे हल्की गैस हैं ब्राह्मण में हाइड्रोजन के बाद दूसरी सर्वाधिक पाए जाने वाली गैस हैं।

हवाई जहाज के टायरों तथा पर्यटक गुब्बारों में हीलियम गैस का ही प्रयोग होता हैं l

ओजोन गैस (O³)

ओजोन गैस पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करता हैं तथा समताप मंडल में 15 से 35 किमी. की ऊचाई तक पाया जाता हैं I ओजोन गैस छिद्रों का पता फारमैन और गार्डेनर ने 1983 में किया था I

16 सितंबर 1987 को कनाडा के मॉन्ट्रियल में विश्व ओजोन सम्मेलन का आयोजन हुआ I इसे मॉन्ट्रियल सम्मेलन भी कहते हैं तथा 16 सितंबर को ओजोन दिवस के रूप मे मनाया जाता हैं l ओजोन के हास के लिए क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) सबसे अधिक जिम्मेदार है I

जलवाष्प

वायुमंडल का सबसे अस्थिर घटक हैं इसकी मात्रा 1 से 4% तक होती है I जलवाष्प भूमध्य रेखा से ध्रुव की तरह बढ़ने पर कम होता हैं तथा ऊचाई के साथ ही जलवाष्प की मात्रा कम होती जाती है

सभी मौसमी घटनाएँ जलवाष्प के कारण होती है I

धूल कण

वायुमंडल के निचले हिस्से में बहुत से अशुद्धियां पाई जाती है जिसमें घुल कण प्रमुख हैं l बरसात के समय इंद्रधनुष के विभिन्न रंगों का कारण भी धूल कण हैं l

वायुमंडल की संरचना

मार्शल तथा निकोलेट ने इसे 2 भागों में बांटा।

  1. सम मण्डल (क्षोभ मंडल , समताप मंडल ,मध्य मंडल)
  2. विषम मण्डल (आयन मंडल , वर्हिमंडल मंडल)
वायुमंडल

(1).क्षोभ मंडल(Troposphere)

पृथ्वी के सतह से सबसे निम्न परत (निचले) को क्षोभ मंडल कहते हैं भूमध्य रेखा से इसकी ऊचाई 18 किमी. तथा ध्रुव से इसकी ऊचाई 8 किमी हैं क्षोभ मंडल की औसत ऊचाई 13 किमी माना जाता हैं l

सर्वाधिक गैसों का मिश्रण क्षोभ मंडल में पाया जाता हैं तथा सभी मौसमी घटना क्षोभ मंडल में ही होती है l प्रत्येक 1 किमी. की ऊचाई पर 6.5 °C तापमान घट जाता हैं तथा 165 मीटर की ऊंचाई पर 1°C तापमान घट जाता हैं

क्षोभ मंडल तथा समताप मंडल 1.5 किमी मोटी परत होती हैं जिसे ट्रोपोपाॅज (Tropopoise) कहते हैं I यहाँ पर चलने वाले पवन को जेट धाराएं कहते हैं तथा क्षोभ मंडल के उपरी सीमा को क्षोभ सीमा कहते हैं क्षोभ सीमा में तापमान गिरना बंद हो जाता हैं I

इसे भी देखे:- ब्रह्माण्ड

(2).समताप मंडल (Strato Spair)

क्षोभ सीमा से समताप मंडल की दूरी लगभग 50 किमी. हैं इस मंडल में कोई मौसमी बदलाव नहीं होता हैं , इस मंडल में तापमान का सामान्य हास दर कार्य नहीं करता इसी कारण यहां तापमान सदैव स्थिर रहता हैं l

90% ओजोन गैस समताप मंडल में पाया जाता हैं इसलिए इसे ओजोन मंडल भी कहा जाता हैं , ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण पराबैंगनी किरणो का अवशोषित समताप मंडल में ही हो जाता हैं I

इस मंडल में कोई मौसमी घटना नहीं होती इसी लिये जेट तथा हवाई जहाज के लिए अनुकूल हैं l

(3).मध्य मंडल

समताप मंडल से 50 से 80 किमी. की दूरी को मध्य मंडल कहते हैं यह वायुमंडल का सबसे ठंडा परत हैं I इसकी अधिकतम ऊचाई पर तापमान -100°C हो जाता हैं I

(4).आयन मंडल

वायुमंडल में 80 से 640 किमी के दूरी तक आयन मंडल कहते हैं l इस मंडल में चुंबकीय कणो का अधिकता होता हैं जिसके कारण रेडियो तरंगो का परावर्तन होता हैं यहां पर 4 प्रमुख परते D , E , F , G पाए जाते हैं जो रेडियो तरंगो को सेटलाइट तरंगो का परावर्तन मार्ग सुनिश्चित करती है इसकी सबसे उपरी परत G हैं l

अरोरा की घटना इसी मंडल में होता हैं l

(5).बर्हिमंडल

यह वायुमंडल का सबसे बाहरी हिस्सा है 640 किमी. से अधिक ऊचाई से बर्हिमंडल प्रारंभ होता तथा अंतरिक्ष मे मिल जाता हैं l कृत्रिम ग्रहो का परिक्रमा इसी मंडल में होता हैं इस मंडल के सर्वाधिक ऊचाई पर इलेक्ट्रान तथा प्रोटान पाए जाते हैं जो विद्युत आवेशित होते हैं l

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