एशिया महाद्वीप

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एशिया Asia महाद्वीप: विविधता, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक धरोहर

एशिया Asia महाद्वीप धरती का सबसे बड़ा महाद्वीप है ‘एशिया’ हिब्रू भाषा का शब्द हैं जिसका अर्थ उगता हुआ सूर्य हैं I यह पृथ्वी की जनसंख्या का लगभग 60% आबादी को आवास देता है। यहाँ एक सामूहिक रूप से भिन्नताओं, विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और धर्मों का विलय है।

एशिया को 6 हिस्से में बांटा गया हैं —

[1] पूर्वी एशिया

चीन , ताइवान , मंगोलिया , उत्तरी कोरिया , दक्षिण कोरिया , जापान

[2] उत्तरी एशिया

रूस

[3] मध्य एशिया

ताजिकिस्तान , किरकिस्तान , कजाकिस्तान , उज्बेकिस्तान , तुर्कमेनिस्तान

[4] दक्षिण एशिया

अफगानिस्तान , पाकिस्तान , नेपाल , बांग्लादेश , भूटान , श्रीलंका , मालदीव , भारत

[5]दक्षिण-पूर्व एशिया

म्यामांर , थाइलैंड , लाओस , वियतनाम, कंबोडिया , मलेशिया , सिंगापुर , ब्रुनेई , इंडोनेशिया , फिलिपीन , East Timor

[6] दक्षिण-पश्चिम एशिया

ईरान , इराक़ , इस्राइल , जार्डन , यमन , ओमान , कतर , बहरीन , कुवैत , सऊदी अरब , जार्जिया , आर्मेनिया , अजरबैजान , तुर्की , लेबनान , सिप्रस , सिरिया , UAE

एशिया Asia महाद्वीप में विशाल समुद्री तट, पहाड़, मैदान, नदी घाटी और उच्च घास के इलाके हैं, जो इसको एक आकर्षक स्थान बनाते हैं।

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एशिया के प्रमुख पर्वतश्रृंखला

हिमालय पर्वत

यह उत्तर में भारत की प्राकृतिक सीमा का निर्माण करता हैं l हिमालय की सर्वोच्च शिखर एवरेस्ट की ऊचाई 8848 मीटर हैं, जो दुनिया का सर्वोच्च चोटी हैं I

अरावली पर्वत

यह संसार का सबसे प्राचीन पर्वत हैं इसका सर्वोच्च शिखर का नाम गुरुशिखर हैं जिसकी ऊचाई 1722 मीटर हैं I भील जनजाति यहाँ निवास करती है I

सुलेमान पर्वत

सुलेमान पर्वत पाकिस्तान में स्थित एक महत्वपूर्ण पर्वत है। यह पर्वत बालोचिस्तान क्षेत्र में विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल है। सुलेमान पर्वत श्रृंगार्ण नदी के किनारे फैला हुआ है और इसकी ऊँचाई 3,487 मीटर (11,437 फुट) है। इससे दो मुख्य नदिया डोरी नदी तथा गोमल नदी निकालती हैं I

हिन्दूकुश पर्वत

हिंदूकुश पर्वत एक प्रमुख पर्वतमाला है जो आफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के मध्य भू-भाग में स्थित है। इसकी लंबाई लगभग 800 किलोमीटर है और इसमें कई उच्चतम शिखर हैं, जिनमें से सबसे ऊँचा शिखर तिरिच मिर है जो 7,708 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

युराल पर्वत

पर्वतमाला लगभग 2,500 किलोमीटर लंबी है और यूरोपीय और एशियाई महाद्वीपों के बीच सीमांत का कार्य करती है।इसकी सबसे ऊँची चोटी माउंट नरोदिया हैं I इसका महत्वपूर्ण भूगर्भीय संपदा भी है, जिसमें खनिज धातुएँ और ऊर्जा संसाधन शामिल हैं।

अल्ताई पर्वत

एशिया के पश्चिमी हिस्से में स्थित है। यह पर्वतमाला मगदान और रूसी संघ के बीच सीमांत का कार्य करती है। अल्ताई पर्वतमाला का उच्चतम शिखर खुलै-खुम्बा है, जिसकी ऊँचाई 4,506 मीटर है।

दमावंद पर्वत

ईरान में सबसे बड़ी पर्वतमाला दमावंद है। यह तहरान से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और ईरान के तेहरान प्रांत का हिस्सा है। दमावंद का ऊँचाई स्थल से 5,610 मीटर (18,406 फुट) है और यह ईरान का सबसे ऊँचा पर्वत है I

काकेशस पर्वत

यह युरोप तथा एशिया के मध्य सीमा बनाता हैं यूरोप का सर्वोच्च पर्वत एल्ब्रुस इसी पर स्थित हैं काकेशस पर्वतों के दो मुख्य भाग हैं – महाकॉकस पर्वत श्रृखला और हीनकॉकस पर्वत श्रृखला

पामिर का पठार से टियानसेन तथा कुनलुन पर्वत चीन में जाता हैं I पामिर के पठार को विश्व की छत कहते हैं l

एशिया Asia के महत्पूर्ण जलसंधि

  1. ईरान तथा ओमान के बीच फारस की खाड़ी तथा अरब सागर के बीच हार्मुज जलसंधि हैं l
  2. यमन तथा जीबुती के बीच बाॅल उल मेण्डाव जलसंधि हैं।
  3. भारत और श्रीलंका के बीच पाक जलसंधि हैं
  4. इंडोनेशिया (सुमात्रा) तथा मलेशिया के बीच विश्व का सबसे बडा जलसंधि मलक्का जलसंधि हैं l
  5. जावा तथा सुमात्रा के बीच सुण्डा जलसंधि हैं।

एशिया के प्रमुख पठार

तिब्बत का पठार — कुनलुन पर्वत तथा हिमालय पर्वत के मध्य सबसे ऊँचा तथा सबसे बड़ा पठार स्थित हैं l

पामिर का पठार — विश्व की छत

अनातोलिया पठार – तुर्की

ईरान पठार — ईरान

दक्कन पठार — दक्षिण भारत

शान का पठार — म्यांमार

याकून पठार — रूस

एशिया Asia का प्रमुख झील

कैस्पियन सागर झील

विश्व की सबसे बड़ी तथा खारे पानी की झील हैं I यह कजाकिस्तान , रूस , अजरबैजान , तुर्कमेनिस्तान तथा ईरान से सीमा बनाती है I

वैकाल झील

यह रूस में स्थित हैं तथा दुनिया की सबसे गहरी झील हैं l

मृत सागर

जार्डन तथा इस्राइल की सीमा पर स्थित हैं विश्व की समुद्रतल से सबसे नीचे स्थित झील तथा दूसरी सर्वाधिक खारे पानी की झील हैं l

वान झील

यह तुर्की में स्थित सर्वाधिक लवणीय झील हैं l

टेन्सले सेप झील कम्बोडिया

टोवा झील — इंडोनेशिया

अरल झील— कजाकिस्तान तथा उज़्बेकिस्तान

बाल्खास झील — कजाकिस्तान

एशिया की प्रमुख नदी

गंगा :- भारत, बांगलादेश, नेपाल, भूटान में बहने वाली गंगा एशिया की सबसे महत्वपूर्ण नदी है।

यांग्त्से (चांगजियांग) :- चीन में स्थित यांग्त्से नदी एशिया की सबसे लंबी नदी है और दुनिया की तीसरी सबसे लंबी नदी है।

ब्रह्मपुत्र :- भारत, बांगलादेश, चीन, भूटान में स्थित ब्रह्मपुत्र नदी एक महत्वपूर्ण नदी है।

ईरावदी :- बर्मा (म्यांमार) में बहने वाली ईरावदी नदी एशिया की प्रमुख नदियों में से एक है।

मेकांग (मेकोंग) :- चीन, म्यांमार, थाईलैंड, लाओस में स्थित मेकांग नदी एशिया की महत्वपूर्ण नदियों में से एक है।

इरवादी (सलविन) :- म्यांमार में स्थित इरवादी नदी एशिया की प्रमुख नदियों में से एक है।

ह्यांगहे :- चीन में स्थित ह्यांगहे नदी एशिया की प्रमुख नदियों में से एक है।

ईशीकारी :- जापान में स्थित ईशीकारी नदी एशिया की महत्वपूर्ण नदियों में से एक है।

महाकाली (काली गंगा) :- नेपाल और भारत के बीच स्थित महाकाली नदी भी एशिया की प्रमुख नदियों में से एक है।

होओंग हो :- चीन, म्यांमार, थाईलैंड में स्थित होओंग हो नदी भी एशिया की प्रमुख नदियों में से एक है।

मिसिसिपी-मिसौरी :-अमेरिका के मध्य और पश्चिमी भागों में स्थित यह नदी भी एशिया की प्रमुख नदियों में से एक मानी जाती है।

आमूर नदी :- रूस तथा चीन की सीमा बनाती है I

सालवीन नदी :- म्यांमार की सबसे बड़ी नदी हैं I

एशिया Asia महाद्वीप का ऐतिहासिक महत्व बहुत ऊँचा है। यहाँ प्राचीनतम सभ्यताओं में से कई उभरीं हैं, जैसे कि इंडस घाटी सभ्यता, मेसोपोटामिया, शंबुक की सभ्यता, ग्रीक सभ्यता, मौर्य साम्राज्य, गुप्त साम्राज्य, मुग़ल साम्राज्य, चीनी साम्राज्य और जापानी साम्राज्य। इन सभी साम्राज्यों ने विभिन्न क्षेत्रों में विशेष सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक योगदान दिए हैं।

एशिया Asia महाद्वीप अपनी विविधता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं, जैसे कि हिंदी, चीनी, जापानी, थाई, उर्दू, बंगाली, तामिल, मलय, तेलुगु, मराठी, तुर्की, फ़ारसी, अरबी , मदारीन आदि भाषाओं को बोला जाता हैं।

यहाँ विभिन्न धर्मों का भी गहरा प्रभाव है, जैसे कि हिंदूधर्म, बौद्धधर्म, जैनधर्म, इस्लाम, यहूदीधर्म, सिखधर्म, शिंटोधर्म, जैनधर्म और अन्य। धार्मिक स्थलों, मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, विहारों और चर्चों का विविधतापूर्ण परिदृश्य यहाँ देखा जा सकता है।

एशिया Asia महाद्वीप के अंदर कई प्राचीन सभ्यताएं उभरीं और नष्ट हुईं हैं। एक उदाहरण के रूप में, इंडस घाटी सभ्यता एक प्राचीनतम सभ्यता थी जो आधुनिक पाकिस्तान और भारत के क्षेत्र में विकसित हुई थी। इसके निर्माण में शिल्पकला, नगर निर्माण, अग्रिम सलाहकारी तकनीक और आर्थिक व्यवस्था का प्रयोग हुआ।

इसके बाद मेसोपोटामिया में सभ्यता उभरी, जहाँ नगर निर्माण, कालीन साहित्य, कला, विज्ञान और आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र था।

ग्रीक सभ्यता में फ़िलॉसफ़ी, कला, शास्त्रीय संगीत, नाटक और लोकतांत्रिक सिद्धांतों की प्राथमिकता थी।मौर्य साम्राज्य भारत में स्थापित हुआ और इसके शासक चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक बड़े प्रसिद्ध राजाओं में शामिल होते हैं। इस साम्राज्य के शासकों ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, और सामरिक प्रगति पर ध्यान दिया।

गुप्त साम्राज्य भारतीय उपमहाद्वीप की गोल चक्रवाती सत्ताधारी साम्राज्यों में से एक थी। इस समय में शिल्पकला, विज्ञान, वाणिज्य, साहित्यिक कार्यों, और धर्म के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान हुआ।

एशिया महाद्वीप पर चीनी साम्राज्य का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। चीनी सभ्यता को दुनिया भर में शिल्पकला, विज्ञान, गणित, यातायात, औषधीय ज्ञान, वाणिज्य और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में मान्यता है। चीन के साथ ही, जापानी साम्राज्य ने भी कला, साहित्य, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, युद्धकला और सामरिक रणनीति के क्षेत्र में अपनी महत्त्वपूर्ण पहचान बनाई।

एशिया की प्रमुख जनजातिया

रोहिंग्या म्यांमार

चकमा — बांग्लादेश

मंगोल — मंगोलिया

याक़ूब — साइबेरिया

कजाक — कजाकिस्तान

तुर्क — तुर्की

पख्तुन — अफगानिस्तान

खिरगीज — किरकिस्तान

नेपाल की शेरपा जनजाति पर्वतारोही तथा भोरात जनजाति कृषक हैं I

एशिया Asia में कई महान सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनमें से कुछ मशहूर हैं – ताज महल (भारत), अंग्कोर वाट (कंबोडिया), बोरोबुदुर (इंडोनेशिया), ग्रेट वाल (चीन), पेट्रा (जॉर्डन), कीयोमीजी (जापान), पर्थ घाट (थाईलैंड), वादीरामेदी (भारत), हालोंग बे (वियतनाम), और पामुक्कलां (फिलीपींस)। ये सभी स्थल एशिया की विविधता, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक हैं।

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एशिया Asia महाद्वीप के पास विश्व की सबसे बड़ी शहरें भी हैं। शंघाई, तोक्यो, दिल्ली, मुंबई, बंगकॉक, इस्तांबुल, बीजिंग, जकार्ता, काराची और मॉस्को जैसे शहर यहाँ स्थित हैं। ये शहरें व्यापार, वित्तीय सेवाएं, वैज्ञानिक अनुसंधान, कला, संगठन और खेल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

एशिया Asia महाद्वीप की बौद्धिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता के बीच, इसके विभिन्न देशों ने वैश्विक मानव-विकास के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है। यहाँ के लोगों की समृद्धि, उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और महानत्वपूर्ण यात्रा स्थलों का अभिनय करने का एक महत्वपूर्ण योगदान है। एशिया आज भी सभ्यता, विज्ञान, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक प्रगति के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण है और एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त कर रहा है।

नदियों का देश — बांग्लादेश

पूर्व की मोती / रत्नों का देश — श्रीलंका

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