संविधान सभा

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ब्रिटिश कैबिनेट योजना

1946 ई. में कैबिनेट मिशन योजना ने संविधान सभा के प्रस्ताव को स्वीकार किया। ब्रिटिश कैबिनेट के 3 सदस्य स्टेफोर्ड क्रिप्स , लार्ड पथिक लाॅरेंस और सर ए वी एलेक्जेंडर 24 मार्च 1946 को भारत आये।

सुझाव

  1. भारत का एक संघ होगा जिसमें ब्रिटिश प्रांत तथा देशी रियासते होंगी।
  2. प्रांतीय विधानसभाओं में संविधान-सभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से किया जाएगा जिसमें 389 सदस्य होंगे। ब्रिटिश प्रांत से सदस्य — 292. देशी रियासतो से सदस्या — 93. चीफ कमीश्नरी प्रांत — 04
  3. सामान्य 10 लाख की जनसंख्या पर 1 प्रतिनिधि संविधान-सभा में नियुक्त होगा I

संविधान सभा का पुनर्गठन

भारत विभाजन योजना के बाद पाकिस्तान को पृथक संविधान बनाना था इसी लिए संविधान सभा का पुनर्गठन किया गया l 1946 में संविधान सभा के लिए हुए चुनावों में कांग्रेस को 208 सीट , मुस्लिम लीग को 73 सीट तथा अन्य पार्टियों को 15 सीटों पर जीत प्राप्त हुआ I

प्रांतीय विधानसभा के सदस्यों ने एकल संक्रमणीय मत पद्धति द्वारा चुना गया I 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा का प्रथम अधिवेशन हुआ जिसके अस्थाई अध्यक्ष डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा को बनाया गया I मुस्लिम लीग ने इस बैठक का वहिष्कार किया तथा पाकिस्तान के लिए अलग संविधान का मांग रखा l प्रथम बैठक में 210 सदस्य उपस्थित हुए I

11 दिसंबर 1946 को डॉ राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थाई अध्यक्ष बनाया गया I 13 दिसम्बर 1946 ई. को जवाहर लाल नेहरू ने संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया उद्देश्य प्रस्ताव को 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा से स्वीकार किया।

श्री के एम मुंशी ने उद्देश्य प्रस्ताव को स्वतंत्र भारत की जन्म कुंडली कहा है I

इसे भी देखे – भारत का संवैधानिक विकास

संविधान सभा की समितियाँ तथा अध्यक्ष

■संचालन समिति. डॉ राजेंद्र प्रसाद. ■संघ संविधान समिति. जवाहर लाल नेहरू. ■प्रारूप समिति. डॉ बी. आर अम्बेडकर. ■प्रांतीय संविधान समिति. बल्लभ भाई पटेल. ■संघ शक्ति समिति. जवाहर लाल नेहरू. ■रियासत समिति. डॉ राजेंद्र प्रसाद. ■झण्डा समिति. जे. बी. कृपलानी

ब्रिटिश प्रांतों के 296 प्रतिनिधियों का विभाजन साम्प्रदायिक आधार पर किया गया जिसमें 21 सामान्य , 79 मुसलमान तथा 2 सिक्ख प्रतिनिधि थे l

संविधान का प्रथम वाचन 4 नवंबर 1948 से 9 नवंबर 1948 तक चला । द्वितीय वाचन 15 नवंबर 1948 से 17 अक्टूबर 1949 तक तथा तीसरा और अंतिम वाचन 14 नवंबर 1949 से 26 नवंबर 1949 तक चला।

प्रारूप समिति

29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति का गठन हुआ तथा डॉ भीम राव अम्बेडकर का अध्यक्ष चुना गया I 5 नवंबर 1948 को प्रारुप समिति ने संविधान का प्रारूप तैयार किया l श्री बी. एन राव ने संविधान का प्रारूप तैयार किया।

प्रारूप समिति में 9 सदस्य थे l

  1. डॉ भीमराव अम्बेडकर
  2. श्री एन गोपालस्वामी आयंगर
  3. अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
  4. मोहम्मद सादूल्ला
  5. के एम मुंशी
  6. बी. एल मित्र — ( एन माधव राव )
  7. बी. पी. खेतान — (टी.टी.कृष्णाचारी)

संविधान सभा ने संविधान बनाने मे 2 वर्ष , 11 माह , 18 दिन का समय लिया तथा संविधान का 22 भाग , 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूची तैयार हुआ I वर्तमान में संविधान में 25 भाग , 470 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियाँ हैं I

26 नवंबर 1949 को संविधान के 284 सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किया। संविधान सभा की अंतिम 12 वी बैठक 24 जनवरी 1950 को हुआ I

संविधान के स्त्रोत

भारत शासन अधिनियम 1935
  • संघीय व्यवस्था
  • न्यायपालिका का ढांचा
  • आपातकालीन उपबंध
  • लोकसेवा आयोग
  • शक्तियों का वितरण की तीनों सूचियां
ब्रिटेन के संविधान से —
  • संसदीय व्यवस्था
  • मंत्रिमंडल प्रणाली
  • विधायी प्रक्रिया
  • राज्याध्यक्ष का प्रतीकात्मक या नाममात्र का महत्व
  • एकल नागरिकता
  • द्विसदनवाद
अमेरिका के संविधान से —
  • मूल अधिकार
  • न्यायपालिका की स्वतंत्रता
  • न्यायिक पुनरीक्षण या पुनर्विलोकन का सिद्धांत
  • HC तथा SC के न्यायधीश को पद से हटाना
  • राष्ट्रपति पर महाभियोग
  • उपराष्ट्रपति का पद
आयरलैंड के संविधान से —
  • राज्यसभा के लिए सदस्यों का नामांकन
  • राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत
  • राष्ट्रपति का निर्वाचन पद्धति
कनाडा के संविधान से —
  • केंद्र द्वारा राज्य के राज्यपालों की नियुक्ति
  • सशक्त केंद्र के साथ संघीय व्यवस्था
  • उच्चतम न्यायालय का परामर्शी न्याय–निर्णयन
  • अवशिष्ट शक्तियों का केंद्र में निहित होना
फ्रांस के संविधान से –
  • गणतंत्रात्मक ढांचा
  • स्वतंत्रता समता और बधुता के आर्दश
जापान के संविधान से –
  • विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया
ऑस्ट्रेलिया के संविधान से –
  • समवर्ती सूची
  • संसद के दोनों सदनों का संयुक्त बैठक
  • व्यापार वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता
जर्मनी के संविधान से –
  • आपातकाल के समय मूल अधिकार का स्थगन
दक्षिण अफ्रीका के संविधान से –
  • राज्यसभा के सदस्यों का निर्वाचन
  • संविधान के संशोधन की प्रक्रिया
सोवियत संघ के संविधान से –
  • मौलिक कर्तव्य
  • प्रस्तावना में सामाजिक , आर्थिक और राजनीतिक न्याय का आदर्श

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