अफ्रीका महाद्वीप


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अफ्रीका महाद्वीप विश्व के सबसे पुराने महाद्वीपों में से एक है, जिसका ऐतिहासिक महत्व लगभग 7 मिलियन वर्ष पहले तक पहुंचता है। यहां पुराने मानव जीवाश्म भी पाए गए हैं, जो इसका सबूत हैं कि मानव जाति यहां के इतिहास से जुड़ी हुई है।

भौतिकवाद से दूर होने के कारण लिविंग स्टोन तथा स्टैनले ने इसे अंध महाद्वीप कहा हैं I

अफ्रीका महाद्वीप

अफ्रीका महाद्वीप में कुल 54 देश हैं जिसमें 48 देश मुख्य भूमि से जुड़े हैं तथा 6 द्विपीय देश हैं l क्षेत्रफल में सबसे बड़ा देश अल्जीरिया तथा जनसंख्या में नाइजीरिया हैं I

अफ्रीका के 6 द्विपीय देश– मेडागास्कर , मारिशस , केमोरिन तथा शेसेल्स हिन्द महासागर में तथा साओ टोनो और केप वर्दे अटलांटिक महासागर में हैं l

अफ्रीका में कई महाद्वीपीय सभ्यताएं उभरीं हैं, जिनमें ऐंगोला, खंबीया, एथियोपिया, मिस्र, जिम्बाब्वे, और माली शामिल हैं।अफ्रीका महाद्वीप का भूगोल भी विशेष है। यह दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है। यहां विशाल सफ़ेद खाड़ी, वनस्पति सफ़ारी, प्राकृतिक अभ्यारण्य और वन्यजीवन संग्रहशालाएं हैं, जहां आप दुनिया के सबसे विस्तृत वन्यजीवन को देख सकते हैं।

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अफ्रीका से गुजरने वाले रेखाओं पर देश

अफ्रीका महाद्वीप से तीनों काल्पनिक रेखाएं तथा GMT लाइन भी गुज़रती हैं तथा अफ्रीका चारों महाद्वीपों में स्थित हैं l

कर्क रेखा

पश्चिम सहारा , मॉरिटानिया , माली , अल्जीरिया , नाइजर , लीबिया , मिश्र

मकर रेखा

नामीबिया , बोत्सवाना , साउथ अफ्रीका , मोजाम्बिक , मेडागास्कर

भूमध्य रेखा

गबन , रिपब्लिक ऑफ कांगो , जायरे , युगांडा , केन्या , सोमालिया , साओ टोमे

GMT LINE

अल्जीरिया , माली , बुर्किना फासो , घाना , टोगो

अफ्रीका तथा यूरोप जिब्रालटन जलसंधि से अलग होते हैं तथा यमन और जिबुती को अदन की खाड़ी में बाॅब उल मेंण्डाव जलसंधि द्वारा अलग होते हैं I मेडागास्कर तथा मोजाम्बिक के बीच मोजाम्बिक जलसंधि हैं l

अफ्रीका महाद्वीप में कई देश हैं, जो अपनी अनूठी संस्कृति, भाषा, और ऐतिहासिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध हैं। अफ्रीका महाद्वीप में देश जैसे कि दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, नामीबिया, बोत्सवाना, और स्वाज़ीलैंड हैं, जहां प्राचीन संस्कृति, भूतपूर्व धरोहर, और वाद्य और नृत्य कला के लिए प्रसिद्ध हैं। पश्चिम अफ्रीका में नाईजीरिया, घाना, कोट डी व्वार, और सेनेगल शामिल हैं l

अफ्रीका का सबसे अंतिम बिन्दु उत्तमाशा अंतरीप (Cape of GoodHope ) हैं इसका नाम पुर्तगाल के राजा King John II ने 1488 इसवी में रखा l

अफ्रीका महाद्वीप के महत्वपूर्ण पर्वत

अतलास पर्वत श्रृंखला :- अतलास पर्वत श्रृंखला उत्तरी अफ्रीका में स्थित है और मोरक्को, अल्जीरिया, और तुनिसिया में फैली हुई है।माउंट टाबकाॅल इसकी सबसे ऊँची चोटी हैं l यह पर्वत श्रृंखला विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।

रुवेंजोरी पर्वत श्रृंखला :- रुवेंजोरी पर्वत श्रृंखला आफ्रीका के मध्य में फैली हुई है। इसमें कॉंगो नदी की उच्च शिखरों को शामिल किया जाता है, जिनमें से सबसे ऊँचा पर्वत माउंट स्टैनली है।

उगांडा राइज़र पर्वत श्रृंखला :- यह पर्वत श्रृंखला उगांडा में स्थित है और उगांडा गोल्डन रैंग ज़रन की उच्चतम शिखर है। यहां पर्वतीय जंगल, झरने, और वन्यजीवों का विविधतापूर्ण संग्रह है।

अहगर पर्वत श्रृंखला :- अहगर पर्वत श्रृंखला सहारा रेगिस्तान में स्थित है और अल्जीरिया, लीबिया, और नाइजर में फैली हुई है। यह आबादी से दूर एक विरान और ख़ास दृश्य स्थल है।

एस्टर्न एंड वेस्टर्न ग्हाट्स पर्वत श्रृंखला :- ये श्रृंखलाएं मध्य अफ्रीकी गणराज्य के विट्टल और वेस्टर्न ग्हाट्स में स्थित हैं। इनमें विट्टल ग्हाट्स पर्वतीय प्राकृतिक उपमहाद्वीप पर्यटन का मुख्य केंद्र है।

मिटुम्बा पर्वत :- तंजानिया, उगांडा, और दीमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (Democratic Republic of the Congo) में स्थित है। यह पर्वत श्रृंखला पूर्वी अफ्रीका में मालावी झील के पास स्थित है और विक्टोरिया झील की ओर बढ़ती है।इसकी सबसे ऊंची चोटी माउंट स्टैनली (Mount Stanley) है, जो तंजानिया और उगांडा के बीच स्थित है।

अफ्रीका का सबसे ऊँचा चोटी पर्वत है “किलिमंजारो” है। यह तंजानिया में स्थित है , इसकी ऊँचाई समुद्र स्तर से लगभग 5,895 मीटर (19,341 फीट) है।

अफ्रीका महाद्वीप

अफ्रीका के महत्पूर्ण ज्वालामुखी

किलिमंजारो (Kilimanjaro) – तंजानिया

एर्टा एले (Erta Ale) – इथियोपिया

न्यीरागांगा (Nyiragongo) – डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो

न्यीराम्बो (Nyamuragira) – डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो

औलेंसी (Ol Doinyo Lengai) – तंजानिया

न्यीरेजे (Nyiragihongo) – डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो

मेरू (Mount Meru) – तंजानिया

सिमियेन (Simien) – इथियोपिया

मारोंगो (Maromokotro) – मेडागास्कर

नडीरगो (Nadirgo) – डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो

अफ्रीका महाद्वीप की सबसे सक्रिय ज्वालामुखी न्यीरागांगो है।

अफ्रीका महाद्वीप के महत्वपूर्ण पठार

ईस्टर्न पठार :- ईस्टर्न पठार मेडागास्कर के पश्चिमी भाग में स्थित है। यह विशाल पठार महाद्वीप के भूतल को विस्तारित करता है और उच्च ऊंचाई पर पहाड़ी विस्तारों की मौजूदगी होती है।

कटांगा पठार :- इस पठार का मुख्य भाग डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (Democratic Republic of the Congo) के कटांगा प्रांत में स्थित था। यह पठार भूमि में महत्वपूर्ण खनिज संपदाएं, जैसे कि कॉपर, कोबाल्ट, और उरेनियम, की अद्भुत संपत्ति के लिए प्रसिद्ध था।

नामीब पठार :- नामीब पठार नामीबिया में स्थित है और अत्यंत खारे पर्वतीय और मरुस्थली क्षेत्रों की विशेषता है। इसमें नामीब डेजर्ट और कालाहारी के कुछ हिस्से शामिल हैं।

एथियोपियाई प्लेटो :- एथियोपियाई प्लेटो अफ्रीका महाद्वीप के पूर्वी भाग में स्थित है। यह प्लेटो ऊँचा है और धारावाहिक नदियों, घासीय मैदानों, और पर्वतीय क्षेत्रों का घेरा है।

कोंगो पठार :- कोंगो पठार अफ्रीका महाद्वीप के केंद्रीय भाग में स्थित है। यह पठार कोंगो नदी के आसपास विस्तृत है और घासीय मैदानों, वनस्पति, और वन्यजीव संपदा से भरा हुआ है।

कालाहारी पठार :- कालाहारी पठार एक महत्वपूर्ण पठार है जो बोत्सवाना, नामीबिया, और दक्षिण अफ्रीका में स्थित है। यह एक विशाल अर्ध-आरिद पठार है जिसमें मरुस्थली और घासीय आदन्तवानी जीवन होता है।

सहारा पठार :- सहारा पठार अफ्रीका महाद्वीप का सबसे बड़ा पठार है और यह एक विशाल मरुस्थली है। यह सबसे ठंडा और सबसे शुष्क पठार है और इसमें कुछ उपवन और झीलों की मौजूदगी होती है।

काजिया पठार :- काजिया पठार सुदान, चाड, और ईरिट्रिया में स्थित है। यह एक विस्तृत मरुस्थली पठार हैं।

मालागासी पठार :- मालागासी पठार मेडागास्कर महाद्वीप पर स्थित है। यह पठार मालागासी द्वीप के मध्य भाग में फैला हुआ है और उच्चतम ऊचाई पर पहाड़ियों, मैदानों, और फ्लेमबॉयंट पत्थरों से घिरा हुआ है।

अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख नदियाँ

नील नदी :- यह अफ्रीका तथा विश्व की सबसे लंबी नदी है।यह 6650 किमी लंबी हैं तथा यह दो धाराओं के रूप में श्वेत नील (विक्टोरिया झील) तथा ब्लू नील (ताना झील) से निकालती हैं तथा खारतून में एक दूसरे से मिलती हैं l नील नदी मध्य और उत्तरी अफ्रीका के कई देशों से होकर बहती है, जैसे तंजानिया , युगांडा, सुडान, मिश्र

नील नदी पर मिस्र में अस्वान बाध तथा नासिर झील (कर्क रेखा) स्थित हैं l

कोंगो नदी :- कोंगो नदी अफ्रीका की सबसे लंबी वृहद नदी है और दूसरी सबसे ज्यादा जलमार्गी वाली नदी है। यह नदी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो से होकर बहती है और सबसे बड़ी शाखाएँ कसाई और लुवुआबा नदी हैं। यह भूमध्य रेखा को दो बार काटती हैं I

नाइजर नदी :- नाइजर नदी पश्चिमी अफ्रीका में स्थित है और अफ्रीका की तीसरी सबसे लंबी नदी है। यह नाइजीरिया, माली, नाइजर, बेनिन, धाना से बहती है। इसे तेल नदी भी कहते हैं नाइजीरिया में इस पर इबादान तेल क्षेत्र पड़ता हैं I

जांबेजी नदी :- जांबेजी नदी दक्षिणी अफ्रीका में स्थित है और विक्टोरिया जलस्रोत से होकर बहती है। इस पर विश्व प्रसिद्ध विक्टोरिया जलप्रपात (अफ्रीका का सबसे ऊँचा) तथा करीबा बाँध और कार्पाटर जलप्रपात स्थित हैं।

ओरेंज नदी :- ओरेंज नदी दक्षिणी अफ्रीका में स्थित है और नामिबिया, दक्षिण अफ्रीका, और लेसोथो से होकर बहती है। यह नदी कैलेंडरी और नॉमडीक झीलों के संयोग स्थल के रूप में भी महत्वपूर्ण है। इसमें यूरेनियम के भंडार है l

लिम्पोपो नदी :- दक्षिण अफ्रीका के देश लिम्पोपो, जिम्बाब्वे और मोजाम्बिक के मध्य से होकर बहती है। इस नदी की लंबाई करीब 1,800 किलोमीटर (1,100 मील) है। यह मकर रेखा को दो बार काटती हैं l

अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख झीलें

  1. विक्टोरिया झील :- यह झील उगांडा, केन्या और तंजानिया के बीच स्थित है। यह अफ्रीका का सबसे बड़ा झील है और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी स्वच्छ जलधारा है।
  2. टंगनीका झील :- यह झील तंजानिया, केन्या, और उगांडा के सीमांत इलाकों में स्थित है। यह अफ्रीका का दूसरा सबसे गहरा झील है और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा झीलीय पानी क्षेत्र है।
  3. टांगान्यिका झील :- यह झील बुरुंडी, तंजानिया, जम्बिया, और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के बीच में स्थित है। यह अफ्रीका का तीसरा सबसे बड़ा, गहरा और लंबा झील है।
  4. मलावी झील :- यह झील मलावी, मोजांबिक, और तंजानिया के बीच में स्थित है। यह अफ्रीका का चौथा सबसे बड़ा झील है और विश्व का आठवां सबसे बड़ा झीलीय पानी क्षेत्र है।
  5. कारीबा झील :- यह झील उगांडा के बीच में स्थित है। यह अफ्रीका का पांचवां सबसे बड़ा झील है और यहां बहुतायत समुद्री पक्षियों का वास होता है।

अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख मरूस्थल

(1) सहारा रेगिस्तान :- सहारा रेगिस्तान अफ्रीका का सबसे बड़ा मरुस्थल है और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा (सबसे बड़ा गर्म मरूस्थल)रेगिस्तान है। यह दक्षिणी अफ्रीका में फैला हुआ है और कई देशों में फैला हुआ है, जैसे कि अल्जीरिया, मोरक्को, लीबिया, एग्यप्ट, नाइजर, चाड, सूडान आदि।

विश्व में सबसे बड़ा मरुस्थल “अंटार्कटिका महाद्वीप” है। यह ध्रुवीय क्षेत्र है और जमीन के बहुत बड़े हिस्से पर बर्फीले मरुस्थल और बर्फ कवर की गहरी सतह से ढंके गए हैं।

(2) कालाहारी मरुस्थल :- कालाहारी मरुस्थल दक्षिणी अफ्रीका में स्थित है और नमीबिया, बोत्सवाना, और दक्षिण आफ्रीका में फैला हुआ है। यह विश्व का छठा सबसे बड़ा मरुस्थल है।

(3) नमीब मरुस्थल :- यह मरुस्थल नमीबिया के तट पर स्थित है। यह अत्यंत खुशक और बेजान प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।

(4) दंगे मरुस्थल :- यह मरुस्थल बोत्सवाना के तट पर स्थित है। यह एक विशाल खुशक क्षेत्र है और सफारी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण स्थल है।

(5) सोमाली मरुस्थल :- यह मरुस्थल दक्षिणी अफ्रीका में स्थित है और सोमालिया, इथियोपिया, दिजिबूती, और केन्या के भागों में फैला हुआ है। यह अर्ध-अरिद क्षेत्र है और वनस्पति और जीव-जंतु जीवन की कमी के कारण विख्यात है।

अफ्रीका की जनजातियों

(1) नाइजीरिया :- हौसा , ईबो , योरूबा , कनुरी , फुलानी l

(2) दक्षिण अफ्रीका :- जुलू , सिस्वाना , त्स्वाना , कोइकोइ l

(3) केन्या :- किकुयू , लुया , कलेजिन , मसाई , लुह्या l

(4) घाना :- आशांती , गा , एवे , मोसी , एदे l

(5) युगांडा :- गांडा , बांयांकोले , तोरो , आचोली , लूबा l

(6) तंजानिया :- मासाई , स्वाहिली , हया , चागा , मेरु l

(7) मालावी :- चेवा , याओ , लोम्बा , तुंगी l

(8) एथियोपिया :- औरोमो , अम्हारा , तिग्री , सोमाली , सीडामा

अफ्रीका के प्रमुख खनिज क्षेत्र

कांगो

कोल्टान (टैंटलाइट-कोलंबाइट) :- डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और अंगोला क्षेत्र में कोल्टान की प्रमुख धातु मिलती है, जिसे मोबाइल फोन्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए उपयोग किया जाता है।

दक्षिण अफ्रीका

गोल्ड :- दक्षिण अफ्रीका में सोने का अविश्वसनीय भंडार है और यहां सोने की अधिक मात्रा उत्पादित होती है। जोहान्सबर्ग को विश्व की स्वर्ण नगरी कहते हैं l

डायमंड :- दक्षिण अफ्रीका में डायमंड की महत्वपूर्ण खाने हैं और यहां डायमंड का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है। किम्वरले मे हीरा कारोबार होता हैं I

यूरेनियम :- दक्षिण अफ्रीका के आरेंज फ्री स्टेट मे यूरेनियम भंडार है I

ज़ाम्बिया

कॉपर :- ज़ाम्बिया विश्व में प्रमुख कॉपर उत्पादक है और कॉपर के खनिज संपदा की विशाल मात्रा होती है।

जिम्बाब्वे

च्रोमाइट :- जिम्बाब्वे विश्व में प्रमुख च्रोमाइट उत्पादक है, जिसे अयस्क निर्माण और विभिन्न उद्योगों में उपयोग किया जाता है।

अंगोला

अंगोला किम्बरलाइट :- अंगोला विश्व में महत्वपूर्ण डायमंड उत्पादक है, और अंगोला किम्बरलाइट क्षेत्र डायमंड की प्रमुख स्रोत है।

मोरोक्को

फॉस्फेट :- मोरोक्को विश्व में प्रमुख फॉस्फेट उत्पादक है, जिसे खाद्य उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण खनिज संपदा के रूप में उपयोग किया जाता है।

अफ्रीका महाद्वीप

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सोमाली अफ्रीका का सबसे बड़ा प्रायद्वीप हैं l

अफ्रीका महाद्वीप की एक अन्य पहचान विशाल सफ़ारी है, जो इसके प्रमुख प्राकृतिक संसारीय धरोहरों में से एक है। क्रूज़, जिराफ़े, हाथी, शेर, छिड़ियां, और अन्य जीवन्त प्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनुभव एक अद्वितीय है। सेरेंगेटी नेशनल पार्क, मासाई मारा, ओकावांगोनेशनल पार्क, क्रूगर नेशनल पार्क, और एंबोसेली नेशनल पार्क जैसे प्रमुख सफ़ारी स्थल अफ्रीका में स्थित हैं।

दक्षिण अफ्रीका के अपार्थेइड प्रणाली ने एक अविभाज्य समाज का निर्माण किया, जहां अलगाव और भेदभाव शामिल थे। नेलसन मंडेला जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी ने इस भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी और राष्ट्रीय एकता का संकल्प लिया।अफ्रीका महाद्वीप की संस्कृति विविधतापूर्ण है और उसमें विभिन्न धार्मिक, भाषाई और आदिवासी समुदायों का समावेश है।

यहां कई भाषाएं बोली जाती हैं, जैसे कि स्वाहिली, हौसा, योरूबा, जुलु, और अम्हारिक।

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