जलवायु तथा चक्रवात

जलवायु

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जलवायु

किसी निश्चित स्थान तथा क्षेत्र के मौसम की औसत स्थिति ( तापमान , वर्षा , वायुमंडलीय दाब , पवन की दिशा ) को जलवायु कहते हैं जैसे भारत की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु हैं I जलवायु अध्ययन को Climatology कहते हैं I

जलवायु

वायु

गैस , धूलकण तथा जलवाष्प का विषमांगी मिश्रण होता हैं I

वायुदाब

पृथ्वी के स्थलभाग या जलक्षेत्र पर प्रतिइकाई क्षेत्रफल पर वायुमंडल की समस्त परतो पर लगने वाला भार वायुदाब कहलाता हैं l

सर्वाधिक वायुदाब समुद्र की सतह पर होता हैं , ऊचाई पर जाने पर वायुदाब में कमी आती हैं I

1 वर्ग cm = 1034 gm भार

वायुदाब का मापन बैरोमीटर ( फोर्टिन बैरोमीटर ) से होता हैं तथा इसकी इकाई मिलीबार या पास्कल होता हैं I

पवन

वायु का क्षैतिज संचरण पवन कहलाता हैं l

पवनो के प्रकार

  1. प्रचलित पवने
  2. सामयिक पवने / मानसूनी पवने
  3. स्थानीय पवने
  4. दैनिक पवने

प्रचलित पवने

(1). व्यापारिक पवने / पूर्वी पवने / सन्मार्गी पवने [Trade Winds]

(2). पछुआ पवने [Wester Lies]

(3). ध्रुवीय पूर्वी पवने

दाब पेटिया

(1) व्यापारिक पवने / सन्मार्गी पवने

व्यापारिक पवने वह पवन होती है जिसकी स्थिति दाब पेटी पर 5° से 30° उत्तरी एवं दक्षिणी गोलार्ध में फैला हो। उत्तरी गोलार्ध में यह उत्तर – पूर्व से दक्षिण – पश्चिम तथा दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिण – पूर्व से उत्तर – पश्चिम की तरफ चलती है I

30° से 35° उत्तरी तथा दक्षिणी अक्षांश के मध्य स्थित दाब पेटी को अश्व अक्षांश कहते हैं l

(2) पछुआ पवने

पछुआ पवन वह पवन हैं जिसकी स्थिति दाब पेटी पर उत्तरी तथा दक्षिणी गोलार्ध में 30° से 60° अक्षांश के बीच फैला हैं l उत्तरी गोलार्ध में यह उत्तर – पश्चिम तथा दक्षिण गोलार्ध में दक्षिण – पश्चिम की तरफ चलती है I

पछुआ पवनो की तीव्रता उत्तरी गोलार्ध की तुलना में दक्षिणी गोलार्ध में ज्यादा होती है I

30° से 35° उत्तरी तथा दक्षिणी अक्षांश के मध्य स्थित दाब पेटी को अश्व अक्षांश कहते हैं l

(3) ध्रुवीय पूर्वी पवने

ध्रुवो पर पूर्व की तरफ चलने वाले पवन को ध्रुवीय पूर्वी पवन कहते हैं I

डोलड्रम

भूमध्य रेखा से 5° उत्तरी गोलार्ध तथा 5° दक्षिणी गोलार्ध में स्थित अक्षांश को डोलड्रम कहते हैं I

कोरियोलिस बल

कोरिओलिस बल एक आभासी बल है यह पृथ्वी के घुर्णन तथा गोलाकार होने के कारण उत्पन्न होता हैं I सर्वप्रथम इसका अध्ययन जी.जी. कोरिओलिस नाम के वैज्ञानिक ने की थी, इसीलिए इसे कोरिओलिस बल कहा जाता है।

सामयिक पवने / मानसूनी पवने

मानसून अरबी भाषा का शब्द हैं अरबी विद्वानो अल- मसुदी ने सर्वप्रथम भारतीय मॉनसून का अध्ययन किया l

(1) दक्षिण पूर्वी मानसूनी पवन

(2) उत्तर पूर्वी मानसूनी पवन

(1) दक्षिण पूर्वी मानसूनी पवन

दक्षिण- पूर्वी मानसूनी पवन , दक्षिण- पूर्वी से उत्तर – पूर्व की ओर चलती है यह ग्रीष्मकालीन मॉनसून होती है l

(2) उत्तर पूर्वी मानसूनी पवन

उत्तर पूर्वी मानसून , शीत कालीन मानसून होता हैं इसे लौटता हुआ मानसून भी कहते हैं I

स्थानीय पवने

एक निश्चित समय काल में निश्चित क्षेत्र में पाई जाने वाली पवन को स्थानीय पवन कहते है I

गर्म एवं शुष्क स्थानीय पवन

चिनूक :- USA की स्थानीय पवन हैं जिसे हिमभक्षी पवन कहते हैं l

फान :- स्विट्जरलैंड की स्थानीय पवन हैं जो अंगूरों को शीघ्रता से पकाने का काम करती है l

सिराको :- इटली तथा फ्रांस की स्थानीय पवन हैं जो रक्त वर्षा के लिए उत्तरदायी है I

ब्रिक फिल्डर :- यह ऑस्ट्रेलिया स्थानीय पवन हैं I

नार्वेस्टर :- यह न्यूजीलैंड की स्थानीय पवन हैं l

लु / ताप लहरी :- यह भारत की स्थानीय पवन हैं l

हरमट्टन पवन :- यह गिनी की स्थानीय पवन हैं , इसे डॉक्टर पवन भी कहते हैं l

खमसिन :- यह मिस्त्र की स्थानीय पवन हैं l

गिबली :- यह लीबिया की स्थानीय पवन हैं ।

सिमूम :- यह सऊदी अरब की स्थानीय पवन हैं l

ठण्डी स्थानीय पवन

मिस्ट्रल :- यह फ्रांस की ठंडी स्थानीय पवन हैं l

बोरा :- यह एड्रियाटिक सागर की स्थानीय पवन हैं l

ब्लिजार्ड :- यह USA तथा कनाडा की स्थानीय पवन हैं l

लेवेण्टर :- यह स्पेन की स्थानीय पवन हैं l

दैनिक स्थानीय पवन

दिन तथा रात के तापमान के अन्तर के कारण पवन अपने दिशा में परिवर्तन करती है I इसे दैनिक स्थानीय पवन कहते हैं l

चक्रवात

पवनो की चक्रीय गति को चक्रवात कहते हैं l

(1).उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclone)

(2). शितोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperal Cyclone)

चक्रवात की गति

चक्रवात उत्तरी गोलार्ध में Anticlockwise जबकि दक्षिणी गोलार्ध में Clockwise गति करता है ।

चक्रवात. स्थान

चक्रवात हिन्द महासागर

टाइफुन चीन सागर

थेल्मा फिलिपीन्स सागर

हरिकेन कैरेबियाई सागर

विली – विली ऑस्ट्रेलिया

टाॅरनेडो. अमेरिका

चक्रवात को किसानों का मित्र कहते है l

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